राज्य में मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए चल रही मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब अब बंद हो गई हैं।
अधिकारियों द्वारा एफएसएसएआई के साथ वार्षिक अनुबंध समय पर नवीनीकरण नहीं कराने से यह स्थिति बनी।
प्रदेश के सभी 33 जिलों में संचालित मोबाइल वैन अब खड़ी रह गई हैं।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020-21 में इस योजना की शुरुआत की थी।
मोबाइल वैन की खरीद और संचालन का पूरा खर्च एफएसएसएआई उपलब्ध कराता है।
नियमों के अनुसार हर साल योजना जारी रखने के लिए अनुबंध का नवीनीकरण जरूरी होता है।
समय पर प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण अनुबंध समाप्त हो गया और वैन का संचालन रुक गया।
इससे मौके पर खाद्य पदार्थों की जांच और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
मोबाइल लैब बंद होने से अब नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
पहले इन वैन के जरिए मिठाई, दूध, मसाले और भोजन में मिलावट की तुरंत जांच हो जाती थी।
योजना बंद होने से वैन में तैनात चालक, तकनीशियन और सहायक कर्मचारी भी काम से वंचित हो गए हैं।
विभाग का कहना है कि एफएसएसएआई से अनुबंध की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही मोबाइल लैब फिर से शुरू की जाएंगी।

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