एक सरकारी कल्याणकारी योजना ‘अन्नपूर्णा योजना’ का 12 पन्नों का आवेदन फॉर्म महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह योजना गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। लेकिन फॉर्म की लंबाई और जटिल भाषा के कारण महिलाएं इसे भरने में असमर्थ हैं। कई महिलाएं अनपढ़ या अल्पशिक्षित हैं, जिनके लिए यह फॉर्म समझना मुश्किल है। फॉर्म में कानूनी शब्दावली और कई सहायक दस्तावेज मांगे गए हैं। इन दस्तावेजों को जुटाना भी महिलाओं के लिए आसान नहीं है। इस वजह से योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को बिचौलियों और एजेंटों का सहारा लेना पड़ता है। अक्सर ये बिचौलिए महिलाओं से अवैध वसूली करते हैं या उनका शोषण करते हैं। परिणामस्वरूप, योजना अपने उद्देश्य के विपरीत काम कर रही है। जिस महिला तक योजना पहुंचनी चाहिए थी, वही इस जटिल प्रक्रिया से वंचित रह जाती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से फॉर्म को सरल और संक्षिप्त बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को स्थानीय भाषाओं में सरल बनाया जाए। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में सहायता शिविर लगाए जाने चाहिए। प्रशासन ने इस मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है। लेकिन जब तक फॉर्म सरल नहीं होता, तब तक हजारों पात्र महिलाएं योजना से वंचित रहेंगी। यह स्थिति सरकारी योजनाओं की पहुंच और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ी करती है।

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