देशभर में किए गए एक सर्वे ने अप्रेजल प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों की चुनौतियों को उजागर किया है। सर्वे के अनुसार 22% कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें अप्रेजल के दौरान अपने मैनेजर से कोई सहायता नहीं मिली। वहीं 10% कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें पूरी प्रक्रिया लगभग अपने दम पर पूरी करनी पड़ी। इस तरह कुल 32% कर्मचारियों को पर्याप्त प्रबंधकीय सहयोग के बिना अप्रेजल का सामना करना पड़ा। सर्वे से संकेत मिलता है कि कई कार्यस्थलों पर मैनेजर की भूमिका अपेक्षा के अनुरूप नहीं निभाई जा रही है। कर्मचारियों का मानना है कि स्पष्ट मार्गदर्शन और नियमित फीडबैक की कमी उनके मूल्यांकन को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार पारदर्शी संवाद और समय पर सहयोग से अप्रेजल प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकती है। बेहतर प्रबंधकीय समर्थन कर्मचारियों का आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों बढ़ाने में मदद करता है। कंपनियों के लिए यह निष्कर्ष अपनी मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा का संकेत माना जा रहा है। सर्वे ने कार्यस्थल पर सहयोगी नेतृत्व की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है।

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