अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव फिलहाल थम गया है, लेकिन विवाद की मूल वजहें अब भी कायम हैं। दोनों देशों के बीच किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर ठोस सहमति बनती नजर नहीं आ रही है। ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है और इसे अपनी सुरक्षा का अहम हिस्सा मानता है। वहीं उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बनी हुई हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध स्वीकार करे, लेकिन तेहरान इस पर झुकने को तैयार नहीं दिख रहा। इस गतिरोध ने क्षेत्रीय तनाव को पूरी तरह खत्म नहीं होने दिया है। दूसरी ओर इजरायल का रुख भी स्थिति को और जटिल बना रहा है। माना जा रहा है कि इजरायल कई मुद्दों पर अमेरिकी रणनीति से अलग सोच रखता है। वह ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को अपने लिए बड़ा खतरा मानता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में संघर्ष का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन प्रमुख विवादों पर समाधान अभी दूर नजर आ रहा है। मध्य पूर्व में अस्थिरता की आशंका बनी हुई है। क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में दोनों पक्षों की नीतियां तय करेंगी कि शांति कायम रहती है या तनाव फिर बढ़ता है। Source: Source Post navigation बांग्लादेश में हिंदू समुदाय का विरोध, भगवान राम की तस्वीर के अपमान पर भारत ने जताई चिंता ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने की दिशा में अमेरिकी सीनेट का बड़ा कदम, ट्रंप ने बताया ‘बेमानी’