संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रीय ऋण अब उसकी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से अधिक हो गया है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार हुआ है। फेडरल रिज़र्व और ट्रेजरी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 तक अमेरिकी सार्वजनिक ऋण लगभग 31 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है, जबकि वार्षिक जीडीपी लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है।

वित्त विशेषज्ञों ने इस स्थिति को संभावित आर्थिक अस्थिरता के संकेत के रूप में प्रकाश में लाया है। वे चेतावनी देते हैं कि आगे चलकर ऋण‑से‑जीडीपी अनुपात में वृद्धि ब्याज दरों में बढ़ोतरी, बजट घाटे के बढ़ने और सरकारी खर्च में कटौती की संभावना को जन्म दे सकती है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन में आए कई कर कटौतियों और सार्वजनिक खर्च में वृद्धि को इस बढ़त का प्रमुख कारण माना गया है। उनका तर्क है कि आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने से दीर्घकालिक राजस्व में सुधार होगा, परन्तु कई अर्थशास्त्री इस दृष्टिकोण को जोखिमपूर्ण मानते हैं।

अमेरिकी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चर्चा शुरू कर दी है, जिसमें ऋण सीमा (debt ceiling) को बढ़ाने या खर्च में कटौती के उपायों पर बहस चल रही है। निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की नजरें अब इस बहस के परिणाम पर टिकी हैं, क्योंकि ऋण की संभावित अधिकता वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता को बढ़ा सकती है।