अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इसका तत्काल प्रभाव भारत के निर्यात पर सीमित रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार भारत के लिए केवल एक बाजार पर निर्भर रहने के बजाय नए वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाना जरूरी होगा। लंबे समय से टैरिफ को लेकर जारी अनिश्चितता खत्म होना भी कारोबार के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। इससे निर्यातकों को भविष्य की रणनीति बनाने में आसानी मिलेगी। हालांकि कुछ निर्यात क्षेत्रों पर अतिरिक्त लागत का दबाव पड़ सकता है। प्रतिस्पर्धी कीमत और बेहतर गुणवत्ता बनाए रखना भारतीय कंपनियों के लिए अहम होगा। सरकार और उद्योग जगत निर्यात को विविध बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास तेज कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक निर्यात वृद्धि प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और बाजार विविधीकरण पर निर्भर करेगी। बदलते वैश्विक व्यापार माहौल में भारत के लिए नए अवसर तलाशना महत्वपूर्ण रहेगा।

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