अमेरिका ने ईरान के गोरुक और केश्म द्वीपों पर सैन्य हमले कर दिए। यह कार्रवाई अमेरिकी MQ-1 ड्रोन के गिराए जाने की घटना के जवाब में की गई है। सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमले में ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया गया। इस कदम से मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के प्रयास भी जारी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर रूस और चीन, ने संयम बरतने और मुद्दे को कूटनीति से हल करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाई गई है। क्षेत्रीय तेल बाजारों में अस्थिरता बढ़ने के आसार हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, दोनों पक्ष युद्ध की कगार पर खड़े हैं।

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