अमेरिका में कुछ श्रेणियों के लिए ग्रीन कार्ड मंजूरी में 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। नई व्यवस्था का असर खास तौर पर भारतीय टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स पर पड़ रहा है। अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने ग्रीन कार्ड आवेदनों में आवश्यक साक्ष्यों के मानक कड़े किए हैं। इससे असाधारण क्षमता वाले कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास हासिल करना मुश्किल हो सकता है। कई भारतीय नागरिकों को इन बदलते नियमों के कारण वैकल्पिक देशों में आव्रजन विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनौती जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है। सख्त जांच के कारण आवेदकों को अपने पेशेवर रिकॉर्ड और योग्यता के अधिक मजबूत प्रमाण देने पड़ सकते हैं। नई प्रक्रिया से ग्रीन कार्ड हासिल करने में अधिक समय और अनिश्चितता बढ़ सकती है। भारतीय तकनीकी कर्मचारियों के लिए अमेरिका लंबे समय से प्रमुख रोजगार और आव्रजन गंतव्य रहा है। अब बदलते आव्रजन नियम उनके स्थायी निवास के रास्ते को प्रभावित कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कुशल कर्मचारियों के लिए अमेरिकी स्थायी निवास की प्रक्रिया आगे भी जटिल रह सकती है।

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