अमेरिका में सालाना 1 लाख डॉलर की कमाई का वास्तविक लाभ शहर के हिसाब से काफी बदल जाता है। न्यूयॉर्क और बे एरिया जैसे महंगे महानगरों में यह आय आरामदायक जीवन के लिए पर्याप्त नहीं हो सकती। इन क्षेत्रों में आवास और अन्य रोजमर्रा के खर्च काफी अधिक हैं। इसके मुकाबले ओहायो जैसे अपेक्षाकृत कम महंगे राज्यों में 1 लाख डॉलर की आय से बेहतर जीवनशैली मिल सकती है। भारत के मुकाबले वहां यह कमाई अधिक सुविधाजनक जीवन का अवसर दे सकती है। वहीं भारत में सालाना 30 लाख रुपये की आय भी हर शहर में समान क्रय शक्ति नहीं देती। मुंबई जैसे महंगे महानगर में 30 लाख रुपये की सालाना आय अपेक्षाकृत कम आरामदायक महसूस हो सकती है। आय की तुलना केवल मुद्रा विनिमय दर के आधार पर करना सही तस्वीर नहीं दिखाता। आवास, कर, परिवहन और रोजमर्रा के खर्च जीवन स्तर पर बड़ा असर डालते हैं। इसी वजह से समान आय अलग-अलग शहरों में अलग अनुभव दे सकती है। NRI के अनुभव ने अमेरिका और भारत में कमाई की तुलना को लेकर इस महत्वपूर्ण अंतर को उजागर किया है। Source: Source Post navigation Tata Sons के अगले चेयरमैन की रेस में कौन? Noel Tata के बाद इन नामों पर चर्चा भारत की MedTech क्रांति को सिर्फ मशीनें नहीं, विशेषज्ञ सोच और प्रतिभा की भी जरूरत