मध्य प्रदेश के कटनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। अनूप दुबे, जो अस्पताल में अपने मरीज की जान बचाने के लिये जद्दोजहद कर रहे थे, अचानक ही दम तोड़ बैठे। उनका शोक मनाते हुए, उनकी पत्नी ने एक अजीब कदम उठाया – वह अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस को हाथों से साफ कर रही थी। यह इशारा तब और गहरी चर्चा का विषय बन गया जब पता चला कि दो अस्पताल कर्मचारियों को इस कदर संवेदी काम में लिप्त पाकर बर्खास्त कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना न केवल रोगियों के प्रति अस्पताल की उपेक्षा को उजागर करती है, बल्कि कर्मियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों के बीच स्पष्ट अंतर को भी रेखांकित करती है। इस केस में प्रशासन ने तुरंत जांच की घोषणा की है, जबकि जनता इस बात की उम्मीद कर रही है कि एंबुलेंस सफाई के लिए उचित व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।