मध्य प्रदेश के इंदौर में रेती मंडी ब्रिज में गंभीर इंजीनियरिंग खामी सामने आई है, जिसे MANIT की टीम ने जांच के दौरान पकड़ा। रिपोर्ट के बाद निर्माण में तकनीकी त्रुटियों की पुष्टि हुई है। इसके बाद नए पिलर लगाकर सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। यह मामला भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज विवाद के बाद और चर्चा में आ गया है। स्थानीय स्तर पर इस लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शहर को प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम लगातार सुधार कार्य की निगरानी कर रही है। प्रशासन ने कहा है कि ब्रिज की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। Source: Source Post navigation रायपुर की पॉश कॉलोनियों में जलसंकट: 1000 फीट नीचे भी नहीं मिला पानी, हर परिवार पर 10-12 हजार का अतिरिक्त बोझ राजस्थान में एंबुलेंस सेवा पर संकट, 600 वाहन 170 दिनों से खड़े, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल