इतालिया ने 34 वर्षीय ज़ू ज़ेवई को, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने चीन का साइबर-जासूस मानते हैं, अमेरिकी न्याय विभाग को प्रत्यर्पित कर दिया। अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि ज़ू ने COVID-19 महामारी के दौरान कई अमेरिकी और यूरोपीय विश्वविद्यालयों के कंप्यूटर सिस्टम में घुसपैठ करके वैक्सीन अनुसंधान के डेटा को चुरा लिया। इस हक़ीक़त में, वह न केवल कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहे शोधकर्ताओं की बौद्धिक संपदा को चोरी करने की कोशिश कर रहा था, बल्कि उसके साथ जुड़े चीनी गुप्तचर एजेंटों के नेटवर्क को भी उजागर किया गया। इटली की न्यायिक प्रक्रिया के बाद यह प्रत्यर्पण अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा और विज्ञानिक सहयोग के लिए एक चेतावनी बन गया है, जो दिखाता है कि विश्व स्तर पर डिजिटल खतरों के खिलाफ प्रयास तेज़ी से बढ़ रहे हैं। Post navigation PM मोदी मध्य प्रदेश में संभावित दौरा, 517 एकड़ गौशाला की नींव रखेंगे MP Morning News: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बालाघाट दौरा, बजट कार्यवाही और पीसीसी चीफ की यात्रा