इरान के कई संगीतकारों ने हाल ही में अपने संगीत को एक नया मिशन दिया है: वे अमेरिकी-इज़रायली हवाई हमलों से ध्वस्त हुए शहरों की सड़कों और आश्रयस्थलियों पर जाकर अपने स्वर ले चला रहे हैं। ग़ाज़ा, लहेंड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बचे लोगों के बीच आशा की एक लहर पैदा करने के लिए वे ध्वनि‑साम्राज्य का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनके कार्यक्रम न सिर्फ़ पीड़ितों को मनोबल देते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एकता का भी संदेश देते हैं। संगीतकारों ने गिटार, सितार और ड्रम जैसी पारंपरिक व आधुनिक वाद्य यंत्रों के साथ शांति के गीत गाए, जिससे ध्वस्त इमारतों के धूल‑भरे माहौल में थोड़ा रोशनापन आया। इस पहल से ये साफ़ हो गया है कि हिंसा के बाद भी कला और सहयोग की शक्ति बनी रहती है। Post navigation मां की डांट के बाद पटना में दहशत‑भरा कूद, डबल डेकर पुल से 55 फीट नीचे गिर गई युवती यूके ने इज़राइल के संभावित war crimes ट्रैकिंग प्रोजेक्ट को समाप्त किया: रिपोर्ट