भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की माँग में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। सरकारी प्रोत्साहन, फ़्यूल इकोनॉमी नियमन और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के कारण उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है। अप्रैल 2026 में कुल 2.39 लाख ईवी यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जो सात साल पहले, अप्रैल 2019 में 981 यूनिट्स तक सीमित थी। यह 300 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्शाती है कि भारतीय उपभोक्ता अब इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और वाणिज्यिक वाहनों को मुख्य परिवहन विकल्प के रूप में अपनाने लगे हैं। फ़्यूल एथिक्स मिशन (FAME‑II) के तहत मिलने वाले सब्सिडी, कस्टम ड्यूटी में छूट और वैट में रियायती दरें इस वृद्धि में प्रमुख योगदान दे रही हैं। साथ ही, निजी और सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा निवेशित चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी कई गुना बढ़ी है, जिससे दूरी‑सीमा की चिंता कम हुई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो वर्षों में ईवी बिक्री में दो‑तीन गुना और वृद्धि हो सकती है, विशेषकर सवारियों के लिए किफ़ायती मॉडल और बैटरी तकनीक में सुधार के साथ। यह सांख्यिकीय बदलाव न केवल पर्यावरणीय लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई नौकरियों और निवेश के अवसर भी उत्पन्न करेगा। Post navigation लखनऊ में होंडा सिटी चालक पर कार सवारों ने हमला, पुलिस ने मामला दर्ज किया जयपुर में थार कार ने स्कूटी सवार महिला से टक्कर, गंभीर चोटें, ड्राइवर फरार