पाकिस्तान ने CBS न्यूज की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि नूर खान एयरबेस पर ईरानी विमान सिर्फ कूटनीतिक काम के लिए हैं. यह बयान पाकिस्तान का इनकार है जो ओसामा बिन लादेन वाले दोहरे चेहरे की याद दिलाता है. नूर खान की शुरुआत से मामले में, एयरबेस की प्रशासनिक और संगठनीय क्षमताओं का उपयोग किया जाता है. इसके अलावा, देश के राजनीति मंच पर संवाद के लिए भी ईरान को ब्यूटीफुल डिसप्ले दिखाए गए हैं. अन्य देशों से महसूस किया जाता है कि पाकिस्तान इस विमान की कूटनीतिक भूमिका को बेहद संवेदनशील रहा है. इसके अभियांत्रिकी और कूटनीतिक विषयों में पाकिस्तान की घुमावदार जगह बताई गई है. केवल कूटनीति के लिए, ईरानी यात्री को पाकिस्तान में प्रवास कराना शुरू किया गया है. यह बयान केवल राजनीति के संबंधों में एक फ़्लाइट प्रदर्शन रहा है, जिसमें देश की बुनियादी आत्मविश्वास और संबंधों में तटस्थता भी शामिल है. पाकिस्तान के इनकार का मतलब यह है कि देश अपनी संबंधों को बरकरार रखने की योग्यता प्रदर्शित करना चाहता है. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation NEET 2026 परीक्षा रद्द, छात्रों के भविष्य क्या? NEET UG परीक्षा को रद्द कर दिया, CBI ने पेपर लीक की जांच के लिए आदेश दिया