पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्षविराम एक बार फिर पूरी तरह से टूटता नजर आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान समर्थित गुटों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर था। इन हमलों ने अमेरिका को एक बड़ी चुनौती दे दी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी और धमकियों को दरकिनार करते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। IRGC ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस घटना के बाद क्षेत्र में युद्ध का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी प्रशासन इन हमलों के बाद अपनी अगली रणनीति पर विचार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। इलाके में तैनात सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति वैश्विक शांति के लिए चिंताजनक है। ईरान का यह रुख साफ संकेत देता है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। आगामी कुछ दिन इस क्षेत्र के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं। Source: Source Post navigation एआई की मदद से 2,000 साल पुरानी जली हुई पांडुलिपि पढ़ने में मिली सफलता, सामने आए प्राचीन यूनानी ग्रंथ के रहस्य