अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति विदेशों में फंसी हुई है. होर्मुज तनाव और परमाणु विवाद के बीच यह मुद्दा फिर से चर्चा में आया है. विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ते तनाव से दोनों देशों के बीच दबाव की राजनीति और जटिल हो सकती है. यह स्थिति दोनों देशों के संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती है. ईरान की फंसी संपत्ति एक बड़ा मुद्दा है जो दोनों देशों के बीच वार्ता को प्रभावित कर सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है. यह तनाव दोनों देशों के संबंधों को और अधिक जटिल बना सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति को हल करने के लिए दोनों देशों को एक साथ बैठकर बातचीत करनी होगी. यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है. Source: Source Post navigation शिपकी लॉ दर्रे पर 1 जून से फिर शुरू होगा भारत-चीन व्यापार उत्तर कोरिया ने समुद्र में बैलिस्टिक मिसाइल दागी