ईरान के विदेश मंत्री अर्घिची आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव‑पूर्ण संबंधों में नई सदी की संभावनाएँ खुल सकती हैं। वार्ता का मकसद नाटो के विस्तार, ऊर्जा प्रतिबंध और मध्य एशिया में शक्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर समझौते तल़ाशना है। इस बीच, संयुक्त राज्य के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऊँचा स्वर उठाते हुए कहा कि तेहरान के नेता फोन पर बातचीत के लिए किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं, जिससे कूटनीतिक चैनलों को जीवित रखने की इच्छा जाहिर हुई। ट्रम्प की इस टिप्पणी ने ईरान की कूटनीतिक कार्रवाई में संभावित लचीलापन का संकेत दिया है, जबकि दोनों पक्षों के बीच विवादों का समाधान संवाद के माध्यम से हो सकता है। इस विकास से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आशा है कि सशस्त्र टकराव के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता दी जाएगी। Post navigation राष्ट्रपतियों, काउबॉय और ए-लिस्ट सितारों के संग – वर्षों में यूएस में किंग चार्ल्स की यात्राएँ अखिल भारतीय क्षत्रीय महासभा ट्रस्ट की हरियाणा इकाई ने विस्तार पर की रणनीतिक बैठक