एटलांटिक के एक क्रूज जहाज पर हंटावायरस की पुष्टि हुई है, जिससे यात्रियों में चिंता बढ़ गई है। यह वायरस मुख्यतः ख़रीदों के मल या मूत्र से निकलने वाली सूखी कणों के हवा में तैरने पर फैलता है और असाधारण रूप से दुर्लभ है। इंसानों को यह संक्रमण तब हो सकता है जब वे इन सूखे कणों को साँस में ले लेते हैं, विशेषकर बंद, धूलभरे क्षेत्रों में जहाँ चूहे या गिलहरी के मल के अवशेष जमा होते हैं। लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और सांस की तकलीफ़ शामिल हो सकती है, जो कुछ मामलों में गंभीर भी हो सकता है। सुरक्षा उपायों में जहाज की सफाई को सख्त बनाना, धूल नियंत्रण और संभावित चूहा संक्रमण के स्रोतों को समाप्त करना शामिल है। यात्रियों को सुझाव दिया जाता है कि वे साफ़-सफाई वाले क्षेत्रों में रहें और यदि हल्के लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। Post navigation बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर सर्वे, राजस्व टीम गाँव पहुँची, किसानों को राहत की उम्मीद BPSC परीक्षा में बिगड़ी धांधली: महिला बायोमेट्रिक कर्मचारी और अभ्यर्थी रंगे हाथ गिरफ्तार