पंजाब में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की हड़ताल चौथे दिन भी जारी है, जिससे राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मुलाजिमों ने अपनी मांगों को लेकर लुधियाना में डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया और सरकार की अनदेखी पर गहरा रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो वे अपना संघर्ष और तेज करेंगे। इसी कड़ी में 2 जुलाई को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र संगरूर में एक विशाल राज्य स्तरीय रोष रैली की घोषणा की गई है। कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपकर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के बिगड़ते हालात से अवगत कराया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कोविड महामारी से लेकर टीकाकरण और अन्य राष्ट्रीय अभियानों में अपनी अहम भूमिका निभाते रहे हैं, फिर भी उनकी अनदेखी की जा रही है। उनकी मुख्य मांगों में एनएचएम कर्मचारियों का नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, बोनस की बहाली, वेतन में वृद्धि और सेवा सुरक्षा शामिल हैं। मुलाजिमों ने सरकार से अपील की है कि वे इन लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय ले ताकि आम जनता को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल हो सकें। राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

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