छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में स्थित एनटीपीसी लारा प्लांट से कोयला परिवहन से जुड़ी भयानक घोटाला सामने आया है। विधि प्रवर्तन एजेंसी (सीबीआई) ने बताया कि लारा प्लांट में 575 ट्रेलर में लदा कोयला बिना किसी दस्तावेज़ या उचित इनवॉइस के अचानक गायब हो गया। इस मामले में स्थानीय प्रशासन, प्लांट प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के बीच मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। जांच में पता चला कि कई ट्रक चालक और लोडिंग क्लर्क ने कोयले को खुले तौर पर सड़कों पर गिरा कर खुद के लिए बेच दिया, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में वही कोयला अभी भी माइन से निकलता दिखाया गया। सीबीआई ने सभी संबंधित दस्तावेज़, लोड‑स्लीप फॉर्म और डिजिटल ट्रैकिंग डेटा को बरामद किया और 10 से अधिक प्रमुख व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, कोयला रिटर्न और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एडीटी के प्रयोग पर जोर दिया है। मामला अभी भी चल रहा है, और आगे की जांच से और कई नाम उजागर हो सकते हैं। Post navigation विस्फोट से दो लोगों की मौत, बड़ी घटना की घोषणा तरनतारण में राइस मिल में लगी भीषण आग, करोड़ों का नुकसान