लुधियाना नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रेक्ट्स कमेटी (एफएंडसीसी) में विधायकों के बेटों की नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ गया है। मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पार्षद गौरव भट्टी ने आरोप लगाया कि बिना आधिकारिक बैठक के मौखिक आदेशों पर वित्तीय फैसले लिए जा रहे हैं। निगम अधिकारियों ने इस दावे का विरोध किया। हाईकोर्ट ने मेयर इंद्रजीत कौर से वित्तीय फैसलों का विवरण एफिडेविट के माध्यम से पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2026 तय की है। तब तक एफएंडसीसी की बैठक पर रोक जारी रहेगी। विवाद के कारण लुधियाना में करीब 550 करोड़ रुपये के विकास कार्य और टेंडर अटक गए हैं। इनमें सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था और विभिन्न वार्डों के विकास कार्य शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि लंबित प्रस्तावों पर अदालत के आदेशों के विपरीत फैसले लिए गए। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मेयर ने विधायक मदन लाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा और विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू के बेटे युवराज सिंह सिद्धू को एफएंडसीसी में शामिल किया। नियुक्तियों को नियमों के खिलाफ बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। Source: Source Post navigation धोखाधड़ी और प्रताड़ना के आरोपों में एफआईआर नहीं होने पर विवाद, एसीपी ने जांच का दिया आश्वासन बिजनौर प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में सात रसूखदार दोषी, बहन की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फैसला