एम्स रायपुर ने एक 10 माह के बच्चे की दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की। बच्चे को ‘एएलसीएपीए’ नामक जन्मजात हृदय बीमारी थी, जो 3 लाख में से 1 बच्चे को होती है। रायपुर के इस मासूम की हालत गंभीर थी और कई स्वास्थ्य संस्थानों ने इलाज से इनकार कर दिया था। एम्स रायपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इलाज किया। सर्जरी में कार्डियोथोरेसिक, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिक्स विभाग शामिल थे। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के अनुसार यह बीमारी सबसे जटिल हृदय रोगों में से एक है। बच्चे का लेफ्ट वेंट्रिकुलर इजेक्शन फ्रैक्शन 20 प्रतिशत था। सर्जरी के बाद 24 घंटे महत्वपूर्ण थे। बच्चे को दूसरे दिन वेंटिलेटर से हटा लिया गया और 9वें दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एम्स रायपुर के डॉक्टरों ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी में सफलता हासिल की। Source: Source Post navigation बस्तर में नक्सल समस्या और सरकारी योजनाओं पर सवाल रायगढ़ में कबाड़ गोदाम में आग, 43 बाइक जली