एल नीनो एक जलवायु घटना है, जिसका भारत के मानसून, कृषि और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है। इसके कारण वैश्विक मौसम प्रणाली में बदलाव आते हैं और भारत में मानसून कमजोर होने की संभावना बढ़ सकती है। कमजोर बारिश का सीधा असर खेती, फसल उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ सकता है। कृषि क्षेत्र में गिरावट से खाद्य कीमतों और देश की अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि एल नीनो का असर हर साल समान नहीं होता और कई अन्य मौसमी कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एल नीनो जलवायु विज्ञान और भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है। Source: Source Post navigation DSPMU में सीट कटौती और नए पाठ्यक्रम के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, विश्वविद्यालय गेट पर लगाया ताला पुलिस डीएवी स्कूल में 12वीं के विद्यार्थियों को करियर विकल्पों की दी गई विस्तृत जानकारी