हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारे का चलन बहुत पुराना है, पर इस बार इसका स्वरूप कुछ नया रहा। ऑस्ट्रेलिया से लौटे कृष्ण कुमार सैनी ने अपने गाँव में पीतल का खेड़ा बाबा स्थापित किया और इस अवसर पर बड़ा भंडारा आयोजित किया। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल मंदिर तक सीमित नहीं, इसे समाज की सेवा में भी बदलना चाहिए। खेड़ा बाबा की स्थापना के बाद, उन्होंने मुफ्त भोजन, कपड़े और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं प्रदान कीं, जिससे न केवल गाँव वालों का दिल जीतेंगे, बल्कि जरूरतमंदों को भी राहत मिली। इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा, कई ने सैनी जी की उदारता की प्रशंसा की और आगे भी ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों की उम्मीद जताई। सैनी की यह कहानी बताती है कि विदेश से लौटकर भी हम अपने पैरों की धरती पर बदलाव ला सकते हैं, जहाँ भक्ति और सेवा एक साथ चलते हैं।

By AIAdmin