मार्क कार्नी को पद संभालते ही अंतरराष्ट्रीय सराहना और घरेलू राजनीतिक समर्थन मिला है। विदेशियों से मिली प्रशंसा, आर्थिक सुधारों के वादे और पर्यावरणीय पहल ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया। लेकिन अब उनका पहला वर्ष समाप्त होते‑ही, प्रभावशाली वादों को साकार करने की दबाव बढ़ गया है। उन्होंने जो आर्थिक वृद्धि, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ठोस कदम और सामाजिक समानता के लिए बड़े परिवर्तन का वादा किया था, उन पर अब संसद, उद्योग और जनता की करीबी नज़र है। कार्नी के लिए यह समय है कि वह हनीमून को वास्तविक उपलब्धियों में बदलें, नहीं तो आलोचना को छाया बनाने का डर रहेगा। Post navigation इज़राइली हमलों में लेबनान में 14 पांचे, शांति समझौता जारी “यहने मुझमें जलती हुई आग जलाई” – वह वकील जिसे कम आंकी गई थी