करनाल में बागवानी से जुड़े 4 दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, कृषि विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए बागवानी क्षेत्र में गुणवत्ता, तकनीक और अनुसंधान को किसानों की समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री से उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। सीएम ने घोषणा की कि राज्य सरकार 14 हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटर विश्वविद्यालय को समर्पित कर रही है, जो किसानों तक आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक परामर्श पहुंचाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत फलों और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है और देश में हर साल लगभग 360 मिलियन टन बागवानी उत्पादन होता है। हरियाणा में ड्रिप इरिगेशन, पॉलीहाउस और हाई डेंसिटी प्लांटेशन जैसी तकनीकों से उत्पादन में बढ़ोतरी हो रही है। सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत 21 बागवानी फसलों के लिए समर्थन मूल्य तय किया है। 778 किसान उत्पादक समूहों से 1.25 लाख किसान जुड़े हैं। इस वित्त वर्ष में 1000 एकड़ क्षेत्र को स्मार्ट बागवानी तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली और जलवायु अनुकूल फसलों पर जोर दिया। सम्मेलन 31 मई तक चलेगा और इसमें 150 से अधिक विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस दौरान किसानों को उद्यान रत्न पुरस्कार-2026 से सम्मानित भी किया जाएगा।

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