कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की चुप्पी ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है। रविवार को उनके करीबी मंत्रियों और विधायकों ने एक बैठक की, जिसमें हाईकमान को समर्थन पत्र भेजने का सुझाव दिया गया। हालांकि मुख्यमंत्री ने इस पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं जताई। पूरी बैठक के दौरान वे शांत रहे और ज्यादा कुछ नहीं बोले। सूत्रों के अनुसार उन्होंने केवल इतना कहा कि वे इस मुद्दे पर अपनी राय अगले दिन बताएंगे। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। कांग्रेस हाईकमान की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है और सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के अगले बयान पर हैं। Source: Source Post navigation डीक्रस्ट मुरथल में कल होगा मेयर-पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह:सीएम सैनी होंगे मुख्य मेहमान; ADC ने निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश, प्रशासन अलर्ट गोहाना को स्वच्छता रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प: मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा बोले- ‘मिलकर करेंगे प्रयास’