जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद और घुसपैठ को समर्थन देता रहा है। इसके कारण जम्मू-कश्मीर में आम लोगों, मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों के प्रभावित होने की बात कही गई है। वहीं, PoK में लोग महंगाई, बिजली संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं। स्थानीय लोग अपने अधिकारों और बेहतर जीवन स्थितियों की मांग कर रहे हैं। क्षेत्र में राजनीतिक असंतोष और सुरक्षा चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। दोनों क्षेत्रों के हालात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने रहते हैं। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए शांति और नागरिक अधिकारों पर जोर दिया जा रहा है। Source: Source Post navigation बलूचिस्तान की कोयला खदान में भीषण धमाका, 11 मजदूरों की मौत और कई मलबे में दबे मिस्र ड्रोन हमले के बाद ईरान की चेतावनी, इजरायल पर साजिश का लगाया आरोप