लखनऊ में एक थे वकील साहब जो बड़े उर्दू दां थे। उन्हें उर्दू से इस क़दर इश्क़ था कि किसी को ग़लत उर्दू बोलते सुन लें तो फौरन टोक देते थे पर क्या हुआ जब उनकी इकलौती बेटी इरम को इश्क़ हो गया एक ऐसे रीलबाज़ लड़के से जो शक्कर को भी सक्कर बोलता था और लखनऊ को नखलऊ, सुनिये स्टोरीबॉक्स में जमशेद कमर सिद्दीक़ी से उन्हीं की लिखी कहानी ‘लखनऊ वाले वकील साहब’

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