बंगाल की राष्ट्रपति ममता बनर्जी को अकेले छोड़ने की कठिन पहुँच है। बीजपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील ममता को समर्थन में विपक्षी दलों ने जब बिल्कुल इसी प्रकार रचती है। कांग्रेस और लेफ्ट ने ममता के प्रस्तावों पर सहमति दिखाई, बल्कि उनकी जैसी ही प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस ने महसूस किया है कि ममता ने जो कर रही है, वैसा ही पा रही हैं। लेफ्ट का साथ भी ममता को दिया है और उनके नेता ने कहा है कि बीजपी की प्रस्तावों पर आधारित कोई अलग साथ दिया जाएगा। इन विपक्षी दलों की ऐसी रचना बंगाल में बदलाव के साथ ‘बदला’ चलाने का प्रतिकार है।

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