कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद हरिद्वार में बड़े पैमाने पर कचरा जमा हो गया। लाखों श्रद्धालुओं के लौटने के बाद प्रमुख तीर्थ स्थलों पर प्लास्टिक और अन्य कचरा दिखाई दिया। हर की पौड़ी समेत कई इलाकों में बड़ी मात्रा में अपशिष्ट जमा हुआ। फेंके गए कपड़े और प्लास्टिक की वस्तुओं ने सफाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया। सफाई कर्मचारियों ने यात्रा समाप्त होते ही बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू किया। नगर सफाई टीमों ने करीब 8,000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया। इस दौरान प्लास्टिक कचरे और फेंकी गई बोतलों की बड़ी मात्रा सामने आई। भारी भीड़ के बाद तीर्थ स्थलों की सफाई प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई। धार्मिक पर्यटन के बढ़ते दबाव से पर्यावरणीय चिंताएं भी सामने आई हैं। इतनी बड़ी मात्रा में कचरे के निपटारे को लेकर स्थानीय प्रशासन को अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की जरूरत को उजागर किया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए श्रद्धालुओं और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी पर जोर दिया जा रहा है। Source: Source Post navigation हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों का 5 सितंबर को हड़ताल का ऐलान, मांगों को लेकर प्रदर्शन बेंगलुरु की सड़कों पर हादसों का सिलसिला जारी, मरम्मत के बावजूद गड्ढे और खुदाई बनी जानलेवा चुनौती