कृष्णा डेल्टा क्षेत्र के किसानों से धान की खेती नहीं करने की अपील की गई है। यह सलाह कई वर्षों के सबसे गंभीर जल संकट के बीच जारी की गई है। अधिकारियों ने पानी की कमी को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक फसलों पर विचार करने को कहा है। यह निर्देश ऐसे समय आया है जब हजारों किसान खरीफ बुवाई शुरू कर चुके हैं। किसानों के सामने अब फसल योजना को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है। जल उपलब्धता कम होने के कारण धान की खेती प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन और कृषि अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए यह सलाह जारी की है। किसानों को पानी की बचत और उचित उपयोग पर ध्यान देने को कहा गया है। क्षेत्र में सिंचाई संसाधनों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जल संकट के कारण कृषि गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। Source: Source Post navigation महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ का कहर, कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित मनसा देवी भगदड़: एक साल बाद भी पुलिस की जांच में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया