केन‑बेतवा लिंक नहर के विस्थापित गाँवों में धरने के बाद, छतरपुर प्रशासन ने कदम उठाते हुए कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को मैदान में बुला कर प्रभावित किसानों, महिलाओं और वृद्धों की शिकायतें सीधे सुनीं। उन्होंने जल‑संसाधन परियोजना के कारण क्षतिग्रस्त जमीन, घरों की अस्थायी वापसी, फसल नुकसान और पुनर्वास की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारी भर की आश्वासन दिया कि पुनर्वास पैकेज में जलविज्ञान‑संबंधी सुविधाओं के साथ-साथ 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवाओं को नौकरी, उद्यमशीलता और स्कॉलरशिप के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। इस पहल से युवा रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी, जबकि विस्थापित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने तत्काल स्थायी समाधान के लिए एक कार्यदल का गठन किया और अगले दो हफ्तों में सबमिट किए जाने वाले विस्तृत योजना का वादा किया।

By AIAdmin