एक मुख्यमंत्री के तौर पर सतीशन को कई बार अपनी इच्छाओं को मारना होगा, कई बार गठबंधन की मजबूरी में ‘खून के घूंट’ पीने होंगे. केरल की जनता ने एलडीएफ के कुशासन से तंग आकर यूडीएफ को एक बड़ा और ऐतिहासिक मौका दिया है. जनता को आपसी गुटबाजी से कोई लेना-देना नहीं है, उसे डिलिवरेबल्स चाहिए. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation कपड़े बेचे-हुई रिजेक्ट, ट्रांसफॉर्मेशन ने दिलाया फेम, बोल्ड हुई एक्ट्रेस लखनऊ: वकीलों के समर्थन में उतरे अखिलेश, लाठीचार्ज पर भड़के