पीड़ित का आरोप है कि जुलाई 2025 से अप्रैल 2026 तक भी प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अधिवक्ता लवकुमार रामटेके के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई, जिसे संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने नोटिस जारी किया। Post navigation बा्ि ंगसीतवोऊदव ःि्नेमिी शुरुआती उद्यमियों को एंटरप्रीज़ वेलफेयर 200: अर्ध-विकसित चरण में प्रवेश, दुनिया भर की स्पष्टता, टेकक्रंच कवरेज और $100,000