कोटा के कई क्षेत्रों में प्रसूताओं की मौत के मामले में अब माहौल और गरमा गया है. एक महिला के परिजनों ने कल पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और अस्पताल के बाहर नवजात बच्चे को गोद में लेकर धरने पर बैठ गए. उनका आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई. तबसे चार महिलाओं की मौत हो गई, जिनमें से तीन की मौत किडनी फेल होने से और एक की मौत हृदय संबंधी बीमारी से हुई. नौ महिलाओं की किडनी फेल होने की भी व्यवहारशास्त्रीय दवाएँ का उल्लेख किया जा रहा है. अस्पताल पर संदेह और विचार-विमर्श में आने से गरमी भरी दुकानों की सुरक्षा तथा अस्पताल की प्रशासनिक समस्याओं में संदेह आ रहा है. यह घटनाएँ सरकार को व्यवहार-तत्त्वों पर ध्यान केंद्रित करने में अपनी आवश्यकता है, जिससे सुरक्षित और शिक्षित गर्भवती बचाव की रणनीति निर्मित की जा सके. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation ट्रेन कॉन्फर्म टिकेट कंफर्म होगा या नहीं? AI दे रहा पता नकली Chargers के कारण Smartphones Blast लग सकते हैं