भारतीय कानून के अनुसार, पत्नी के पुनर्विवाह पर पूर्व पति को गुजारा भट्टा देने की जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। यह सिद्धांत विभिन्न कानूनों पर लागू होता है, जिनमें नया भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और हिंदू विवाह अधिनियम शामिल हैं। हालांकि, भुगतान बंद करने के लिए एक औपचारिक अदालती आदेश आवश्यक है, और बच्चों के गुजारा भट्टा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। गुजारा भट्टा के मामलों में, अदालतें अक्सर मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखती हैं। पत्नी की आर्थिक स्थिति और अन्य कारकों को देखते हुए अदालत फैसला सुनाती है। पुनर्विवाह के बाद पति को गुजारा भट्टा देने की जिम्मेदारी नहीं होती है, लेकिन अदालत के आदेश के बिना भुगतान बंद नहीं किया जा सकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि अदालती आदेश का पालन किया जाए, पति को अदालत में याचिका दायर करनी चाहिए। गुजारा भट्टा के मामलों में अदालतें न्यायसंगत निर्णय लेती हैं। इस तरह के मामलों में अदालत का फैसला अंतिम होता है। Source: Source Post navigation मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत की सलाह क्या पुनर्विवाह पर पति को गुजारा भट्टा देना बंद करना चाहिए?