सामान्य ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) का मतलब यह नहीं है कि दिल पूरी तरह सुरक्षित है। यह जांच केवल एक समय विशेष की स्थिति को दिखाती है और कई बार शुरुआती हार्ट अटैक के संकेत इसमें नजर नहीं आते। इसलिए केवल सामान्य ECG के आधार पर दिल की समस्या को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। यदि किसी व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य संदिग्ध लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है। डॉक्टर आमतौर पर ECG के साथ ट्रोपोनिन जैसे ब्लड टेस्ट और मरीज के लक्षणों का भी मूल्यांकन करते हैं। सही निदान के लिए सभी जांचों और क्लिनिकल मूल्यांकन को मिलाकर निर्णय लिया जाता है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए। दिल से जुड़ी समस्याओं में तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे सुरक्षित कदम होता है। Source: Source Post navigation जीएनडीएच में सीटी स्कैन मशीन खराब: मरीजों को हो रही परेशानी, रविवार तक सुधार का दावा दुर्गूकोंदल में पल्स पोलियो अभियान: 5873 बच्चों को सुरक्षित करने का लक्ष्य, तैयारी पूरी