पाकिस्तान ने अभी तक हूतियों के खिलाफ कोई सीधा सैन्य हमला शुरू नहीं किया है। सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान की संभावित भूमिका को लेकर चर्चा तेज है। मक्का रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान सऊदी अरब को सुरक्षा सहायता देने के लिए बाध्य हो सकता है। यह सहायता सीधे हमले के बजाय रक्षात्मक सैन्य मिशन के रूप में हो सकती है। पाकिस्तान जरूरत पड़ने पर रणनीतिक और सैन्य सहयोग भी दे सकता है। ऐसे में उसके फाइटर जेट और मिसाइल क्षमताओं पर सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान के पास विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमान और मिसाइल प्रणालियां हैं। हालांकि, हूतियों के ठिकानों पर दूर से सटीक हमले के लिए अलग तरह की सैन्य क्षमता की जरूरत होती है। पाकिस्तान की वास्तविक भूमिका राजनीतिक और सैन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। सऊदी अरब की सुरक्षा जरूरतें भी इस फैसले में अहम भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से हूतियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई की कोई घोषणा नहीं हुई है।

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