क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से दुनियाभर में लाखों लोग प्रभावित हैं और यह अक्सर बिना स्पष्ट लक्षणों के आगे बढ़ती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, अगर समय पर रोकथाम और इलाज के उपाय नहीं अपनाए गए तो यह 2040 तक दुनिया में मौत का पांचवां प्रमुख कारण बन सकती है। अध्ययन में बताया गया है कि बेहतर डायग्नोसिस और नए उपचार विकल्पों से उम्मीद बढ़ी है, लेकिन जांच सुविधाओं तक असमान पहुंच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों ने शुरुआती पहचान, जीवनशैली में बदलाव और व्यक्तिगत उपचार को इस बीमारी से बचाव के लिए बेहद जरूरी बताया है। Source: Source Post navigation करनाल सिविल अस्पताल में नई 5-टेबल ओटी सुविधा शुरू, सर्जरी सेवाओं में आई तेजी केरल में निपाह वायरस को लेकर अलर्ट, कोझिकोड में संदिग्ध मामला सामने आने के बाद बढ़ी निगरानी