यह कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिन्हें ‘रूसी मियां’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपने जीवन में दो बड़े ऐतिहासिक दौर देखे और उनमें सक्रिय भूमिका निभाई। प्रारंभिक समय में वे खिलाफत आंदोलन से जुड़े रहे और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया। बाद में उन्होंने एक साहसिक यात्रा की और लगभग 60 भारतीयों के एक समूह के साथ रूस की ओर प्रस्थान किया। उनका उद्देश्य तत्कालीन सोवियत नेता व्लादिमीर लेनिन से मुलाकात करना था। यह यात्रा उस समय के अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक संबंधों और विचारधाराओं के आदान-प्रदान को दर्शाती है। कठिन परिस्थितियों और लंबी दूरी के बावजूद यह समूह रूस तक पहुंचने में सफल रहा। उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस घटना ने भारत और रूस के बीच प्रारंभिक वैचारिक संपर्कों को भी उजागर किया। ‘रूसी मियां’ की यह कहानी साहस, विचारधारा और ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक मानी जाती है। यह घटना उस दौर की वैश्विक राजनीति की जटिलताओं को भी दर्शाती है। Source: Source