गुरुग्राम में बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत से डिपोर्ट करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सभी प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने के लिए गुरुग्राम पुलिस की एक विशेष 23 सदस्यीय एस्कॉर्ट टीम ट्रेन से रवाना हो चुकी है। एक पुलिस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में गठित यह सुरक्षा टीम इन विदेशी नागरिकों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मालदा टाउन एक्सप्रेस के जरिए लेकर गई है। एस्कॉर्ट टीम इन सभी को पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन तक सुरक्षित पहुंचाएगी, जहां से उन्हें भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात बीएसएफ अधिकारियों को सौंपा जाएगा। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के अनुसार, गुरुग्राम की झुग्गियों, कॉलोनियों, किराए के मकानों और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवासियों के दस्तावेजों का सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी गहन जांच के दौरान सेक्टर-39 थाना पुलिस की टीम ने इन संदिग्ध विदेशी नागरिकों को पकड़ा था, जिनके पास वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं थे। पिछले करीब एक महीने से इन सभी पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों को सुरक्षा के लिहाज से मानेसर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि भारत के वैध नागरिकों और नियम सम्मत रह रहे विदेशी नागरिकों को इस अभियान से बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से इस अभियान के बारे में झूठी, भ्रामक या मनगढ़ंत अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गुरुग्राम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी संदिग्ध या अवैध विदेशी नागरिक रहता है, तो उसकी सूचना तुरंत दें। मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने किराएदारों और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से करवाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112 या नजदीकी थाने में देने को कहा गया है।

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