गुरुग्राम में पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया। थाना मानेसर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बंद फ्लैट का दरवाजा कटर से कटवाया। अंदर बेहोश पड़े आईएएस कोचिंग के टीचर को समय रहते फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अगर थोड़ी भी देरी होती तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। सोसाइटी के फ्लैट नंबर 506 में रहने वाले प्रदीप सरकार पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार चल रहे थे। 23 अक्टूबर की सुबह से ही उनके फ्लैट का दरवाजा बंद था। दिनभर उनके फोन पर कई कॉल किए गए, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सोसायटी के निवासियों और सिक्योरिटी इंचार्ज को जब किसी अनहोनी की आशंका हुई, तो उन्होंने रात करीब 12 बजे थाना मानेसर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची। पुलिस ने बाहर से कई बार आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कटर-मैकेनिक को बुलवाया और मुख्य लोहे के दरवाजे को कटवाया। अंदर जाने पर कमरे का दरवाजा भी अंदर से बंद मिला, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया। अंदर बेड पर प्रदीप कुमार बेहोशी की हालत में पड़े थे, हालांकि उनकी सांसें चल रही थीं। पुलिस टीम ने तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें पास के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया। प्रारंभिक डॉक्टरी जांच में सामने आया कि उनका डायबिटीज लेवल खतरनाक स्तर तक बिगड़ गया था, जिसके कारण वे बेहोश हो गए थे। प्रदीप कुमार दिल्ली के करोल बाग स्थित प्रसिद्ध SAPIENS IAS Academy में यूपीएससी अभ्यर्थियों को कोचिंग देते हैं और मानव विज्ञान व प्राणी विज्ञान के जाने-माने विषय विशेषज्ञ हैं। रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस टीम कटर से दरवाजा काटकर अंदर दाखिल होती और मरीज को अस्पताल ले जाती दिख रही है। मानेसर पुलिस की इस कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की सोसायटी के निवासियों ने सराहना की है। Source: Source Post navigation मोबाइल छीनने की कोशिश में सेवानिवृत्त बीएसएल कर्मचारी की पत्थर से हत्या कोंडागांव में गांजे के पौधे मिलने पर केस दर्ज, पुलिस ने भ्रामक खबरों का किया खंडन; कार्रवाई नहीं करने के आरोप खारिज