ज्येष्ठ संक्रांति पर विग्रह को गर्भगृह से बाहर लाया गया था और 15-16 मई तक गोपीनाथ मंदिर में भक्तों के दर्शनार्थ रखा गया. 17 मई को पूरे विधि-विधान के साथ डोली मूल धाम के लिए प्रस्थान कर गई. अब 18 मई को ब्रह्म मुहूर्त में रुद्रनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे.

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