चंडीगढ़ पुलिस ने बुड़ैल जेल से इलाज या जांच के नाम पर बार-बार बाहर जाने वाले कैदियों का रिकॉर्ड मांग लिया है। पुलिस यह जांच करना चाहती है कि किन कैदियों को कितनी बार अस्पताल ले जाया गया और इसकी वास्तविक जरूरत थी या नहीं। यह कदम सरकारी फंड घोटाले के आरोपी विक्रम वाधवा के इलाज के बहाने जेल से निकलकर होटल पहुंचने के बाद उठाया गया है। वाधवा के होटल में परिवार से मिलने के मामले में पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस को आशंका है कि कुछ कैदी बीमारी का बहाना बनाकर जेल से बाहर निकलने की अनुमति लेते हैं। जांच में जेल डिस्पेंसरी के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की संभावित मिलीभगत के आरोपों को भी देखा जा सकता है। पुलिस ने सुझाव दिया है कि बार-बार बीमार पड़ने वाले कैदियों की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाए। गंभीर बीमारी होने पर ही कैदियों को बड़े अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था पर भी विचार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब 20 पुलिसकर्मी रोजाना कैदियों को अस्पताल ले जाने की ड्यूटी में लगाए जाते हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में कैदियों को अस्पताल से वापस जेल लाने के नियमों का पालन नहीं किया जाता। कुछ कैदियों को निजी पुलिस वाहनों या अन्य वाहनों से वापस जेल पहुंचाने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि किन कैदियों के साथ बार-बार उन्हीं पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। रिकॉर्ड में कैदी का नाम, बीमारी, अस्पताल, जांच की तारीख और साथ गए पुलिसकर्मियों की जानकारी खंगाली जाएगी। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हो रहा। नियमों की अनदेखी या मिलीभगत सामने आने पर संबंधित कैदियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। Source: Source Post navigation नॉर्थ कैरोलिना के समुद्र में डूबे सैन्य विमान बने कृत्रिम रीफ, पंखों के नीचे छिपी मिलीं ग्रूपर मछलियां दिल्ली-गुरुग्राम में भारी बारिश से हाहाकार, सड़कें जलमग्न; ट्रैफिक जाम के बीच कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित