वारिस पंजाब दे के समर्थक चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान कई सुरक्षा घेरों को पार कर मुख्यमंत्री आवास के करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़े और वाटर कैनन पर कब्जा कर लिया। इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व डीजीपी एपी पांडे ने इसे चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच तालमेल की कमी बताया। उन्होंने बड़े प्रदर्शनों के लिए मजबूत तैयारी और बेहतर इंटेलिजेंस की जरूरत बताई। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों से पहले से बातचीत चल रही थी, लेकिन भीड़ ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया। पुलिस का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारी हथियार लेकर आए थे और झड़प में जवान घायल हुए। गऊशाला चौक पर पहली सुरक्षा लाइन टूटने के बाद प्रदर्शनकारी तेजी से आगे बढ़े। पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रणनीति बदली और ज्ञापन लेने की व्यवस्था की। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारी वीवीआईपी क्षेत्र तक पहुंच गए, जिन्हें बाद में वापस भेजा गया। Source: Source Post navigation विपक्ष का सरकार पर हमला, बोला- संसद सुचारु रूप से चलानी है तो धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए बांकीपुर उपचुनाव में सुबह 9 बजे तक 4.61% मतदान, जन सुराज और भाजपा समर्थकों में झड़प