बिलासपुर हाई कोर्ट ने बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) की नियुक्ति से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है। मामले में याचिकाकर्ता का नाम चयन सूची में शामिल था। इसके बावजूद उसे एमपीएचडब्ल्यू पद पर नियुक्ति नहीं दी गई थी। नियुक्ति नहीं मिलने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक ने वर्ष 2015 में इस संबंध में आदेश पारित किया था। हाई कोर्ट ने अब संयुक्त संचालक के उस आदेश को रद कर दिया है। अदालत ने मामले में नए सिरे से फैसला लेने का निर्देश दिया है। इससे संबंधित अभ्यर्थी के नियुक्ति के दावे पर दोबारा विचार का रास्ता खुल गया है। कोर्ट के फैसले से स्वास्थ्य विभाग की पिछली कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। अब विभाग को मामले पर नए सिरे से निर्णय लेना होगा। यह फैसला चयन सूची में शामिल उम्मीदवारों के नियुक्ति अधिकारों से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation Dabur को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, ‘100% नेचुरल’ दावों पर FSSAI आदेश पर अंतरिम रोक दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के केस में पति दोषमुक्त, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला