अमेरिका ने चीनी कंपनियों को ईरानी तेल को बेचने में मदद करने से प्रतिबंध लगाए हैं. 12 कंपनियों और व्यक्ति जिन्हें अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया, उन्हीं को ईरान के कच्चे तेल को चीन तक पहुंचाने में सहयोग किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्डन ट्रंप द्वारा ली गई इस नीति चीन पकड़ से कुछ महीनों पहले अमेरिकी राज्य सरकार द्वारा उठाई गई थी. इसी कारण पूरे खत्म होने के बाद चीन-ईरान तेल संबंध में इसका प्रभाव फहम किया जा रहा है. अमेरिकी व्यवस्था चीन और भारत जैसी देशों को तेल पर नियंत्रण बनाए रखने में हेतु इसे लगभग 15 साल आई है. अमेरिकी व्यवस्था की इस नीति को उद्धारण के रूप में तथा चीन-ईरान बीच की गुज़री हुई संबंध के महसूस किये जाने के कारण इसकी प्रतिक्रिया अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित ईरानी तेल बटोरने वाली 12 कंपनियों में चीन भी शामिल है. अमेरिका द्वारा आधिकारिक बयान दिए जाते हुए, यह प्रतिबंध की भावना में चीन की ईरान से तेल खरीदने के लिए रास्ते बंद हो गए. इस प्रतिबंध का अमेरिकी यूएई की भी जोड़ी जा रही है जिन्हें ईरानी तेल से खुशबू मिश्रण बनाने में सहयोग किया था. यह प्रतिबंध पकड़ रही चीन-ईरान तेल व्यवस्था पर प्रभाव डाल सकता है और इसमें आगे की ध्यान मंदिर की ज़िम्मेदारी है.

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