भारत ने चीन और जापान से आयात किए जा रहे रेसोरसिनॉल रसायन के खिलाफ एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर दी है। रेसोरसिनॉल टायर और अन्य रबर उत्पादों के निर्माण में उपयोग होने वाला एक महत्वपूर्ण रसायन है। जांच की शुरुआत घरेलू उत्पादकों द्वारा लगाए गए डंपिंग के आरोपों के बाद की गई है। उनका दावा है कि कम कीमत पर आयातित उत्पाद भारतीय उद्योग को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस मामले की जांच वाणिज्य मंत्रालय के अधीन कार्यरत व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) कर रहा है। जांच के दौरान आयात की कीमतों, बाजार प्रभाव और घरेलू उद्योग पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या विदेशी कंपनियां अनुचित रूप से कम कीमतों पर उत्पाद बेच रही हैं। यदि डंपिंग के आरोप सही पाए जाते हैं, तो एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की सिफारिश की जा सकती है। ऐसे शुल्क का उद्देश्य घरेलू उद्योगों के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना होता है। यह कदम भारतीय रसायन और टायर उद्योग के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद अंतिम निष्कर्ष और संभावित कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। Source: Source Post navigation सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की प्रगति की समीक्षा, शेष इकाइयों को जल्द शुरू करने पर जोर कुवैत में WABAG को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी परियोजना, समुद्री जल शोधन क्षेत्र में बढ़ी मौजूदगी